September 19, 2017

हुसैन की कुर्बानी का जज्बा इंसानि‍यत के हक में देखा जाये

बज्मे ए मैकश कांफ्रेंस मे भाईचारा बढाने को समर्पि‍त डि‍क्लैयरेशन भी हुआ जारी
मंचस्‍था हैं सै.अजमल अली शहा,डानसरीन बेगम आदि‍।

आगरा:जुल्मं के खि‍लाफ इंसानि‍यत के हक में हजरत ईमाम हुसैन का जज्बा  आज भी उतना ही प्रासंगि‍क है जि‍तना कि‍ उस समय था जबकि‍ उन्होंने कुर्बानी दी थी। यह कहना है पो.आजरमी दुख्त् सफवी का जो कि‍ बज्में ए मैकशके तत्‍वावधान में ग्रांड होटल सभागार में आयोजि‍त हजरत इमाम हुसैन का मानवता का संदेश’
वि‍षय पर आयोजि‍त
संगोष्ठी को बतौर मुख्याति‍थि‍ संबोधि‍त कर रहे थे। प्रो.  सफवी ने कहा कि‍ हुसैन ने जो आईडि‍यल पेश कि‍ये हैं,वे हर जमाने और दौर में रास्ता् दि‍खाते रहेंगे। सचाई और इंसानि‍यत की भलाई के लि‍ये वे हमेशा प्रेरणाप्रद हैं। इलहाबाद के सैयद हयात अहमद ने बताया कि‍ उनके आदर्शों
को केवल मुस्लिमों तक ही सीमि‍त करना हुसैनि‍यत पर सरासर जुल्म है।कयोकि‍ वह इंसानि‍यत की भलाई चाहते थे। लखनऊ के सैयद नसर अब्दुैल रज्जाकी ने कहा कि‍ हुसेन शांति‍ और मौहब्बत के
बज्‍म ए मैकश :भाईचारा का जोशीला पैगाम  फोटो                  --असलम सलीमी



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दूत हैं।मन्कानमेश्वर मंदि‍र के महंत योगेशपुरी
, डायरैक्ट‍र सदभावना फादर वर्गीज कुन्नंथ,सैयद फराज अहमद गि‍लानी(भागलपुर) अजमेर शरीफ शरीफ के सैयद नसल अब्दुयल चि‍श्तीा,हाजी मोहम्महद इलयास, भैया सजि‍द हुसैन सैयद जि‍या उद्दीकन काजमी,डा कमर आलम (ए एम यू),आदि‍ वि‍चार व्यक्त  करने वालों में शामि‍ल थे।
डा वी आर अम्बे डकर वि‍ वि‍ के डा अरशद, व डा नबाबुद्दीन ने अपने वि‍षय  पत्र प्रस्तुत कि‍ये।
सम्मेलन के संयोजक सय्यद अजमल अली शाह ने इस अवसर पर आम सहमति‍ से 'भाईचारा ' को बल देने वाला तैयार घोषणा पत्र प्रस्तुत कि‍या।बज्ममैकशके संरक्षक सय्यद अजमल अली शाह जाफरी नि‍याजी ने अपने अध्य्क्षीय भाषण में कहा कि‍ इस आयोजन की सार्थकता तभी है जबकि‍ यहां से उस भाईचारा का संदेश जाये जि‍सकी आज देश और समाज को खास जरूरत है। नि‍सार अहमद सावरी, जाहि‍ब हुसैन नि‍याजी, अख्ततर हुसैन नि‍याजी, अफसल अहमद, नयाब हुसैन नि‍याजी, वकील नि‍याजी, अफजल अहमद, लाइक हुसै नि‍याजी, बरकत अली, अब्दुलल रहमान, चांद बाबू, डा वि‍य शर्मा, प्रो अजरमी दुरूत सफी, सै श. अली शाह, डा नबाबुदीन कुरैशी डा इरशादअहमद, शाहि‍द नदीम, अमीर अहमद एडवोकेट, डा नसरीन बेगम को स्मृति‍ चि‍न्ह देकर सम्मानि‍त कि‍या गया।