August 4, 2017

जैबर एयरपोर्ट उ प्र सरकार खुद कर्ज लेकर बनायेगी

-कैबीनेट की क्लीायरेंस के बावजूद नहीं ढूंढा जा सका नि‍वेशक
  
आगरा: एन सी आर में एवीऐशन की जरूरत के बढने और इन्दिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टर्मि‍नल -3) के लि‍ये भले ही व्यापक संभावनाये जतायी जा रही हों कि‍न्तु जेवर एयरपोर्ट प्रोजैक्ट  को केन्द्रीय कैबीनेट की मंजूरी मि‍लने के बावजूद अब तक कोई भी नि‍वेशक नहीं ढूढा जा सका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब उत्तर प्रदेश सरकार को ही बैंकों से दस हजार करोड का कर्ज लेकर इसे खुद बनवाना पडेगा। ग्रेटर नोयडा के तहत जैवर तहसील के द
र्जनों गांवों में खेती और अवासीय जमीन को अधि‍ग्रहि‍त करके इसे बनाया जाना है। यू  पी सरकार के प्राईवेट पार्टनरशि‍प प्राजैक्ट ( पी पी पी मॉड्यूल )कंसैप्ट को यह दूसरा बडा धक्का है। लखनऊ-आगरा एक्स‍प्रेस वे प्रोजैक्ट  को भी पी पी पी मॉड्यूल पर बनवाने का प्रयास कि‍या गया था कि‍न्तु  सपा की अखि‍लेश सरकार की कोशि‍शों के बावजूद उपयुक्तक इन्वैगस्ट र नहीं तलाशा जा सका थ।फलस्व रूप राज्य सरकार को ही ब्याज पर कर्ज लेकर जमीन अधि‍ग्रहण से लेकर नि‍र्माण कार्यतक खुद ठेकों पर करवाना पडा था।
- कर्ज लेने के मुद्दे पर सत्ता दल तक में असहमति‍ 
प्राप्त जानकारी के अनुसार जि‍स प्रकार से कि‍सानों को कर्ज्‍ मुक्त  करने के लि‍ये  अपने वि‍भागों और प्रति‍ष्ठा नों के माध्यम से ऋण जुटाया था वैसे ही अगले वि‍त्तीेय वर्ष पूर्व ही फि‍र से कर्ज जुटाने के लि‍ये तैयारी शुरू हो गयी है। कि‍साने को कर्ज से राहत देने के लि‍ये तो धन जुटाने में तो वि‍पक्षी तक सरकार के प्रति‍ उदार थे कि‍न्तु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लि‍ये कर्ज के इंतजाम की शुरू हो चुकी कोशि‍शों को लेकर तो भाजपा संगठन और वि‍धायकों मे से भी अधि‍कांष के तीखे तेवर हैं।
--लोकसभा चुनावों में एयरपोर्ट होगा अहम  
जनता पार्टी के प्लाहनरों ने जो खाका तैयार कि‍या है उसके तहत 2019 का लोकसभा चुनाव ग्रेटर नोयडा के इस ताज इंटरनेषनल एयरपोर्ट की आधारशि‍ला का पट्टि‍का पूजन के नाम पर लडा जायेगा वहीं 2024 का लोकसभा चुनाव एयरपोर्ट शुरू करने के नाम पर पार्टी लउेगी। एयरपोर्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण एक महीने में शुरू हो जाएगा। इसके लिए एक सप्ताह के अंदर अधिग्रहण करने वाली टीम के अधिकारियों की तैनाती हो जाएगी।
 --दो चरण
इस पूरे प्रोजेक्ट में दो चरणों में 10 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।पहले चरण में 1,250 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। साथ ही, आठ गांवों को विस्थापित किया जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह के अनुसार जेवर एयरपोर्ट 3,000 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा। का विकसित किया जाएगा।
इसके लिए जमीन का अधिग्रहण दो चरण में होगा। पहले चरण की जमीन के अधि‍ग्रहण के लि‍ये 4,400 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। प्रदेश सरकार इस धनराशि को देगी।
  उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण करने के लिए एक पीसीएस अधिकारी के नेतृत्व में तहसीलदार और लेखपालों की टीम बनाई गई है। 
 सीईओ ने बताया कि दूसरे चरण में एयरपोर्ट के लिए 1,750 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए करीब 5,600 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।

--पहले चरण में ही 3400 होंगे वि‍स्थापि‍त 
सीईओ ने बताया कि पहले चरण में आठ गांवों को विस्थापित किया जाएगा। इन गांव में 34 पक्के मकान हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। दूसरे चरण में पांच गांव विस्थापित होंगे। इनमें 272 पक्के मकान है। कुल 3,400 परिवार पर इसका असर पड़ेगा।अधिग्रहण और विस्थापन पर 10 हजार करोड़ का खर्च आएगा एयरपोर्ट के लिए जमीन का अधिग्रहण करने के लिए कुल 10 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होगी। इसमें मुआवजे के अलावा गांवों का विस्थापन, मकानों की कीमत आदि का खर्च भी शामिल है।

--खर्च और कर्ज 
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि मुआवजे के अलावा करीब 50 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च आ रहा है। राज्य सरकार के निर्माण कराने का फायदा मिलेगा। यूपी के नागरिक उड्डयन विभाग ने एयरपोर्ट के निर्माण के तीन फॉर्मूले दिए थे जिसमें से एक पर मोहर लग गई है। जेवर एयरपोर्ट का निर्माण राज्य सरकार कराएगी। इसका फायदा निर्माण जल्द होने में मिलेगा। प्रदेश सरकार को बैंक लोन आसानी से मिल जाएगा। किस्त जमा करने का प्रर्याप्त समय मिलेगा। ब्याज की दरों में छूट मिलेगी।