August 3, 2017

ताज सि‍टी सि‍वि‍ल एयरपोर्ट की दरकार पहुंची इलाहाबाद हाई कोर्ट

सिविल एवि‍एशन केस में नागरि‍क उड्डयन मंत्रालय सहि‍त पांच वि‍भागों को नोटि‍स

( इलाहाबाद हाई कोर्ट )
आगरा : ताज सि‍टी में सि‍वि‍ल एयर एन्ककलेव को बनाये जाने के लि‍ये सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा की जनहि‍त याचि‍का को  इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने स्वीकार कर एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडि‍या , उ प्र सरकार, उ प्र नागरि‍क उड्डयन मंत्रालय सहि‍त पांच वि‍भागों को 15 दि‍न के भीतर जबाव दाखि‍ल करने को कहा है। याचि‍का की  एडमिशन पूर्व सुनवायी स्वयं चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बैंच ने की । याचि‍का सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा के अध्यक्ष अनि‍ल शर्मा एवं जनरल सैकेट्री अनि‍ल कुमार की ओर से दायर याचि‍का पर सुनवायी के दौरान अकलंक कुमार जैन ने कहा कि‍ सि‍वि‍ल एन्कलेव के लि‍ये जमीन खरीदने के लि‍ये  राज्य सरकार अवशेष 64 करोड की राशि‍ अवमुक्त कर 2014 के एम ओ यू के मुतावि‍क एयरपोर्ट अथार्टी आफ इंडि‍या हस्तांतरि‍त करे जि‍ससे अथार्टी एयरपोर्ट बनाये
जाने का काम शुरू कर सके। याचि‍यों के अधि‍वक्ता् ने कहा कि‍ आगरा उ प्र का सबसे बडा टूरि‍स्म सेंटर है,आगरा आने वाले हवाई यात्रि‍यों को आगरा आने के लि‍ये काफी समय उन अन्य  स्थानों पर गवांना पडता है जहां कि‍ इंटरनेशनल और डौमेस्टिम‍क फ्लाइटें आतीं हें।वर्तमान में भी आगरा में सि‍वि‍ल एयर एन्कलेव है कि‍तु वायु सेना परि‍सर में होने के कारण यहां तक पहुंच सुरक्षात्मक कारणों से मुश्किल भरी हो गयी है। सि‍वि‍ल सोसायटी आगरा के जनरल सैकेट्री अनि‍ल कुमार ने कहा कि‍ प्रदेश के मुख्यमंत्री , आगरा के सांसद और प्रमुख ब्यूरोक्रेट तक धन अवमुक्त  करवाने को की गई अपनी घोषणाओं को पूरा करवाने में जब असमर्थ सावि‍त हुए तो कोर्ट जाने के अलावा कोई अन्य विकल्प  नहीं रह गया था। सि‍वि‍ल सोसायटी के उपाध्यक्ष वी के शर्मा ने कहा कि‍ कम से कम अब एयरपोर्ट को लेकर जनता गलत बयानि‍यों के कारण बनाई जाती रही भ्रम की स्थिति‍यो से बच सकेगी। अध्यक्ष  डा शि‍रोमणी सि‍ह ने कहा कि आगरा को बेरोजगरी के दौर से उबारने के लि‍ये  इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का एयरपोर्ट बेहद जरूरी है।केंद्र  सरकार सांस्कृाति‍क मंत्री लगातार आगरा के टूरि‍ज्म  ट्रेड को चोट पहुंचाने के काम मे लगे हैं और कार्पोरेट सैक्टर से सीधा संबध रखने वाले इन महानुभाव के दबदबे के सामने आगरा के अधि‍कांश जनप्रति‍नि‍धी दबाब में रह कर सि‍वि‍ल एन्क्लेव  की बात सरकार में उठाने की स्थिति  में नहीं रह गये हैं,फलस्वरूप सि‍वि‍ल सोसायटी के पास महानगर के हि‍त और हक के लि‍ये न्यांयपालि‍का का दरवाजा खटखटाने के अलावा और कोई रास्ता  नहीं रह गया था।पत्रकार वार्ता में  भारत भूषण एडवोकेट और भुवनेश श्रोत्रि‍य भी मौजूद थे।‍