December 14, 2015

बन एवं पर्यावरण मंत्रालय की हाई पावर कमेटी में डा के एस राना शामिल

--तीन साल का होगा कार्यकाल

-- पचास करोड से ज्‍यादा वाले प्रोजेक्‍टो पर जरूरी होगा कमेटी की क्‍लीयरेंस

(ड के एस राना)
 आगरा:आगरा विश्‍वविद्यालय के शिक्षा शास्‍त्री एवं आगरा कॉलेज , आगर के ज्‍यूलाजी डिपार्टमेंट अध्‍यक्ष  डा के एस राना को भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की उच्‍चाधिकार प्राप्‍त एडवाइजरी  कमेटी का सदस्‍य बनाया जा रहा है, इसकी आधिकारिक घोषणा शीघ्र ही होने की संभावना है।इस कमेटी में डा राना के अतरिक्‍त अपने अपने क्षेत्रों के विषय विषेषज्ञ तीन अन्‍य गैर सरकारी सदस्‍य भी शामिल होंगे।सचिव पर्यावरण मंत्रालय समिति के सदस्‍य सचव होते हैं।
यह कमेटी केन्‍द्र सरकार  के पास क्‍लीयरेंस को पहुंचे उन प्रोजेक्‍टों पर अपनी राय बन एवं पर्यावरण मंत्रालय
को देती है जिनमें पचास करोड से अधिक का  प्रोजेक्‍ट में निवेश हो या फिर पचास हेक्‍टेयर जमीन से अधिक भू भाग का उपयोग प्रस्‍तावित हो।
जैसी की जानकारी है उसके मुताबिक अगर डा राना कमेटी के सदस्‍य घोषित हो जाते हैं तो आगरा के लिये एक बडी और महत्‍वपूर्ण उपलब्‍ध होगी। टी टी जैड अथार्टी के तहत परिभाषित क्षेत्र होने के कारण तमाम प्रोजेक्‍टों को आने वाले समय में तेजी के साथ क्‍लीयरेंस की जरूरत पडेगी।खास तौर से स्‍मार्ट सिटी के तहत आने वाले नये प्राजेक्‍टों में से अधिकांश ऐसे है जिनकी गति और स्‍वरूप पर्यावरण मंत्रालय की क्‍लीयरेंस पर ही निर्भर करेगा।इनमें मैट्रो रेल ,अगर बनता है तो टूडाला-फीरोजाबाद सीमा पर हिरन गांव में प्रस्‍तावित  इंटरनेशनल एयरपोर्ट ,खेरिया एयरपोर्ट से कनैक्‍टविटी वाला धनौली में प्रस्‍तावित सिविल एन्‍कलेंव,डेनेज मास्‍टर प्‍लान, यमुना पर बनने को प्रस्‍तावित दो रबर डैम प्राजेक्‍ट ,उत्‍तर बाईपास-रिंग रोड,अरतौनी आवास योजना आदि मुख्‍य हैं।
उल्‍लेखनीय है कि नेशनल चम्‍बल सेंचुरी पोजेक्‍ट की लॉयन सफारी के अलाचवा पांच सेचुरियों में से सूर सरोवर पक्षी बिहार और चम्‍बल सेचुरी आगरा में है।इनमें से 80 कि मी बहाव वाली चम्‍बल नदी के बाये ओर ाह तहसील और इटावा जनपद में पडने वाले भाग में ईको सेंस्‍टिव जोन का चिन्‍हांकन होना है जबकि सूर सरोवर पक्षी विहार के ईको सेंस्‍टिव जोन का सीमांकन को लेकर पर्यावरण विदो को बहद आपत्‍ति है ।